लुआबासा पुलिया में फिर दर्दनाक हादसा, आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार
आखिर समाधान कब?
लुआबासा पुलिया में फिर दर्दनाक हादसा, आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार?
जमशेदपुर। जमशेदपुर से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित लुआबासा पुलिया एक बार फिर चर्चा में है। बीती रात यहां हुई दर्दनाक घटना ने एक बार फिर जर्जर पुलिया की स्थिति और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अन्ना चौक से NH-33 मुख्य राजमार्ग और स्टेट हाईवे को जोड़ने वाली लुआबासा पुलिया पिछले कई वर्षों से बदहाल स्थिति में है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में राहगीर, मजदूर, बाइक सवार और भारी वाहन गुजरते हैं। जर्जर पुलिया के कारण यहां लगातार दुर्घटना का खतरा बना रहता है। हाल के दिनों में भी इस इलाके में सड़क हादसे सामने आए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस पुलिया की सुध लेने वाला कौन है? ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया की जर्जर स्थिति से सांसद, विधायक और जिला पार्षद समेत तमाम जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी अवगत हैं, बावजूद इसके स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल नजर नहीं आ रही है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ समय पहले ग्रामीणों ने पुलिया की मरम्मत की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाकर उपायुक्त को आवेदन भी दिया था। इसके बावजूद मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्या किसी बड़े हादसे और कई जिंदगियों के नुकसान के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी? चुनाव के दौरान विकास के दावे और वादे तो खूब किए जाते हैं, लेकिन वर्षों से जर्जर पड़ी इस पुलिया का समाधान अब तक क्यों नहीं हो पाया, यह सवाल जनता के बीच लगातार उठ रहा है।
आखिर समाधान कब?
लुआबासा पुलिया अब सिर्फ एक जर्जर सड़क-पुलिया का मुद्दा नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और जान-माल का सवाल बन चुकी है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तत्काल पुलिया का तकनीकी निरीक्षण कराकर मरम्मत या नए पुलिया निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई करे, ताकि अगली दुर्घटना का इंतजार न करना पड़े।
अब देखना यह है कि बीती रात की घटना के बाद जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और प्रशासन जागते हैं या फिर लुआबासा




